डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग के बढ़ते उपयोग के साथ ही साइबर अपराध के मामलों में भी वृद्धि देखी गई है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने उपयोगकर्ताओं को फिशिंग और फर्जी कॉल्स से सतर्क रहने की सलाह दी है।
कभी भी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें। इसके अलावा किसी भी संदिग्ध लिंक या फर्जी सरकारी योजनाओं के नाम पर आने वाले एसएमएस पर क्लिक करने से बचें।
अपने बैंकिंग ऐप्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशा ऑन रखें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की स्थिति में तुरंत अपने बैंक और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन (1930) पर रिपोर्ट करें।













